मुजफ्फरपुर, निज प्रतिनिधि : दो चरणों में होने वाली भारत की जनगणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। जनगणना के सूची करण प्रपत्र में 35 कालम व राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) में 15 कालम अंकित है लेकिन इस प्रपत्र में कही भी नि:शक्तों की गणना का कालम नहीं है। यह करोड़ों नि:शक्तों के साथ नाइंसाफी है। उनकी गणना न हुई तो देशव्यापी आंदोलन होगा। यह बात अखिल भारतीय नि:शक्त कल्याण परिषद (एबीएनकेपी) के प्रदेश सचिव संजीव कुमार ने मंगलवार की प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि इन आकंड़ों से सरकार व विभिन्न संगठन/संस्था भविष्य की योजना बनाती है लेकिन नि:शक्तों की गणना नहीं करने से उनका भविष्य अंधकारमय होगा। अत: संजीव ने देश के जनगणना आयुक्त डा.सी चंदमौली से 2011 की जनगणना में नि:शक्तों की गणना साथ कराने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमारे संगठन ने चार जून को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, समाजिक व अधिकारिता मंत्री, बिहार के राज्यपाल, बिहार राज्य के नि:शक्तता आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी मुज., आयुक्त तिरहुत प्रमंडल, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में 10 प्रतिशत नि:शक्त लोगों की संख्या है जिसमें 80 फीसदी नि:शक्त विकाशील देशों में है। Dainik Jagran 09.06.2010