Monday, 16 August 2010

असंतोष जताया

असंतोष जताया मुजफ्फरपुर : अखिल भारतीय नि:शक्त कल्याण परिषद् के प्रदेश सचिव संजीव कुमार ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कहा कि उनके संगठन ने नि:शक्तों की जनगणना नहीं कराने पर जनगणना आयुक्त को पत्र भेजकर आपत्ति जताई थी। उनके पत्र के आधार पर आयुक्त द्वारा कहा गया है कि फरवरी 2011 में जनगणना के समय नि:शक्तों की भी गणना होगी। लेकिन आयुक्त का जवाब संतोषजनक नहीं है। उन्होंने एक बार फिर आयुक्त से इस संबंध में प्रश्नावली भेजकर विस्तृत जानकारी मांगी है। इस अवसर पर उन्होंने नि:शक्तों के कल्याण में लगी संस्थाओं से समर्थन देने की मांग की है।

Saturday, 12 June 2010

नि:शक्तों की गणना न हुई तो आंदोलन

मुजफ्फरपुर, निज प्रतिनिधि : दो चरणों में होने वाली भारत की जनगणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। जनगणना के सूची करण प्रपत्र में 35 कालम व राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) में 15 कालम अंकित है लेकिन इस प्रपत्र में कही भी नि:शक्तों की गणना का कालम नहीं है। यह करोड़ों नि:शक्तों के साथ नाइंसाफी है। उनकी गणना न हुई तो देशव्यापी आंदोलन होगा। यह बात अखिल भारतीय नि:शक्त कल्याण परिषद (एबीएनकेपी) के प्रदेश सचिव संजीव कुमार ने मंगलवार की प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि इन आकंड़ों से सरकार व विभिन्न संगठन/संस्था भविष्य की योजना बनाती है लेकिन नि:शक्तों की गणना नहीं करने से उनका भविष्य अंधकारमय होगा। अत: संजीव ने देश के जनगणना आयुक्त डा.सी चंदमौली से 2011 की जनगणना में नि:शक्तों की गणना साथ कराने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमारे संगठन ने चार जून को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, समाजिक व अधिकारिता मंत्री, बिहार के राज्यपाल, बिहार राज्य के नि:शक्तता आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी मुज., आयुक्त तिरहुत प्रमंडल, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में 10 प्रतिशत नि:शक्त लोगों की संख्या है जिसमें 80 फीसदी नि:शक्त विकाशील देशों में है। Dainik Jagran 09.06.2010